28 Nov 2019by Hariom

Shri Sai Baba Ji Ashtotarsh – Namawali

1. ‘ॐ श्री साईंनाथाय नम:’।

-ॐ श्री साईंनाथ को नमस्कार।

2. ‘ॐ श्री साईं लक्ष्मी नारायणाय नम:’।
-ॐ जो लक्ष्मीनारायण के स्वरूप हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
3. ‘ॐ श्री साईं कृष्णमशिवमारूतयादिरूपाय नम:’।

-ॐ जो श्रीकृष्ण, राम, शिव, मारुति आदि देवताओं के स्वरूप हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
4. ‘ॐ श्री साईं शेषशायिने नम:’।
-ॐ जो शेषनाग पर शयन करने वाले भगवान विष्णु के अवतार हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

5. ‘ॐ श्री साईं गोदावीरतटीशीलाधीवासिने नम:’।
-ॐ जो गोदावरी नदी के तट पर बसी ‘शीलधी’ (शिरडी) में निवास करने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
6. ‘ॐ श्री साईं भक्तहृदालयाय नम:’।
-ॐ जो भक्तों के मन में विराजमान हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

7. ‘ॐ श्री साईं सर्वहृन्निलयाय नम:’।
-ॐ जो सभी प्राणियों के मन में निवास करने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

8. ‘ॐ श्री साईं भूतावासाय नम:’।-ॐ जो समस्त प्राणियों में बसते हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
9. ‘ॐ श्री साईं भूतभविष्यदुभवाज्रिताया नम:’।
-ॐ जो भूत तथा भविष्य की चिंताओं से मुक्त करने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

10. ‘ॐ श्री साईं कालातीताय नम:’।
-ॐ जो काल की सीमाओं से परे हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
11. ‘ॐ श्री साईं कालायः नम:’।
-ॐ जो काल अर्थात समय के स्वामी हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

12. ‘ॐ श्री साईं कालकालाय नम:’।
-ॐ जो काल की सीमाओं से परे हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

13. ‘ॐ श्री साईं कालदर्पदमनाय नम:’।-ॐ जो काल (मृत्युदेव) के अहंकार का नाश करते हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

14. ‘ॐ श्री साईं मृत्युंजयाय नम:’।
-ॐ जो मृत्यु को जीतने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

15. ‘ॐ श्री साईं अमर्त्याय नम:’।
-ॐ जो अमरत्व को पाए हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।16. ‘ॐ श्री साईं मर्त्याभयप्रदाय नम:’।
-ॐ जो मृत्यु के भय से रक्षा करने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

17. ‘ॐ श्री साईं जिवाधाराय नम:’।
-ॐ जो समस्त जीवों के आधार हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

18. ‘ॐ श्री साईं सर्वाधाराय नम:’।-ॐ जो समस्त ब्रह्मांड के आधार हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

19. ‘ॐ श्री साईं भक्तावनसमर्थाय नम:’।

-ॐ जो भक्तों की रक्षा करने में समर्थ हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

20. ‘ॐ श्री साईं भक्तावनप्रतिज्ञाय नम:’।
-ॐ जो भक्तों की रक्षा करने हेतु प्रतिज्ञाबद्ध हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
21. ‘ॐ श्री साईं अन्नवस्त्रदाय नम:’।
-ॐ जो अन्न और वस्त्र के दाता हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

22. ‘ॐ श्री साईं आरोग्यक्षेमदाय नम:’।
-ॐ जो आरोग्य और कल्याण प्रदान करने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

23. ‘ॐ श्री साईं धनमांगल्यप्रदाय नम:’।-ॐ जो धन तथा मांगल्य प्रदान करने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

24. ‘ॐ श्री साईं ऋद्धिसिद्धिदाय नम:’।
-ॐ जो ऋद्धि-सिद्धि को देने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

25. ‘ॐ श्री साईं पुत्रमित्रकलत्रबंधुदाय नम:’।
-ॐ जो पुत्र, मित्र, पति अथवा पत्नी और संबंधी देने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
26. ‘ॐ श्री साईं योगक्षेमवहाय नम:’।
-ॐ जो भक्तों को सभी तरह का सुख प्रदान करने तथा कल्याण की जिम्मेदारी उठाने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
27. ‘ॐ श्री साईं आपदबांधवाय नम:’।
-ॐ जो संकट के समय बंधु के समान रक्षा करने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।28. ‘ॐ श्री साईं मार्गबंधवे नम:’।
-ॐ जो जीवन मार्ग के साथी हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
29. ‘ॐ श्री साईं भक्तिमुक्तिस्वर्गापवर्गदाय नम:’।
-ॐ जो सांसारिक वैभव, मोक्ष और नैसर्गिक आनंद व अंतिम उत्सर्ग को प्रदान करने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।30. ‘ॐ श्री साईं प्रियाय नम:’।
-ॐ जो भक्तों के प्रिय हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
31. ‘ॐ श्री साईं प्रीतिवर्द्धनाय नम:’।
-ॐ जो प्रीति को बढ़ाने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
32. ‘ॐ श्री साईं अंतर्यामिणे नम:’।-ॐ जो अंतर्यामी, अर्थात मन की समस्त भावनाओं से परे हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
33. ‘ॐ श्री साईं सच्चिदानात्मने नम:’।
-ॐ जो सत्य और विशुद्ध आत्मा के प्रतीक हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
34. ‘ॐ श्री साईं नित्यानंदाय नम:’।
-ॐ जो नित्य आनंद हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

35. ‘ॐ श्री साईं परमसुखदाय नम:’।

-ॐ जो परम सुख को देने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
36. ‘ॐ श्री साईं परमेश्वराय नम:’।
-ॐ जो परमेश्वर हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
37. ‘ॐ श्री साईं परब्रह्मणे नम:’।
-ॐ जो साक्षात् परब्रह्म स्वरूप हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।38. ‘ॐ श्री साईं परमात्मने नम:’।
-ॐ जो परमात्मा स्वरूप हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
39. ‘ॐ श्री साईं ज्ञानस्वरूपिणे नम:’।
-ॐ जो साक्षात् ज्ञान के स्वरूप हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
40. ‘ॐ श्री साईं जगत: पित्रे नम:’।-ॐ जो जगत पिता हैं अर्थात संसार के रचयिता हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
41. ‘ॐ श्री साईं भक्तानां मतधातपितामहाय नम:’।
-ॐ जो भक्तों के माता, पालनकर्ता और पितामह हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
42. ‘ॐ श्री साईं भक्ताभय प्रदाय नम:’।
-ॐ जो भक्तों को अभयदान देने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।43. ‘ॐ श्री साईं भक्तपराधिनाय नम:’।
-ॐ जो भक्तों के अधीन होकर उनके ही कल्याण में लगे हुए हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
44. ‘ॐ श्री साईं भक्तानुग्रहकातराय नम:’।
-ॐ जो भक्तों पर अपनी कृपा या अनुग्रह बनाए रखने के लिए अति दयावान हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।45. ‘ॐ श्री साईं शरणागतवत्सलाय नम:’।
-ॐ जो अपनी शरण में आए भक्त पर वात्सल्य रखने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
46. ‘ॐ श्री साईं भक्तिशक्तिप्रदाय नम:’।
-ॐ जो भक्ति और शक्ति देने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
47. ‘ॐ श्री साईं ज्ञानवैराग्यपदाय नम:’।-ॐ जो ज्ञान और वैराग्य प्रदान करने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
48. ‘ॐ श्री साईं प्रेमप्रदाय नम:’।
-ॐ जो प्रेम देने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
49. ‘ॐ श्री साईं संशयहृदयदोर्बल्यपापकर्म नम:’।
-ॐ जो समस्त संदेहों, मन की दुर्बलता, पाप-कर्म तथा वासना का नाश करने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

50. ‘ॐ श्री साईं हृदयग्रन्थिवेदकाय नम:’।

-ॐ जो मन और विचारों में पड़ी हुई समस्त ग्रंथियों को खोल देने वाले हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

51. ‘ॐ श्री साईं कर्मध्वंसिने नम:’।

-ॐ जो पाप-कर्मों से होने वाले प्रभाव को नष्ट करते हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।52. ‘ॐ श्री साईं सुद्धसत्त्वस्थिताय नम:’।
-ॐ जो शुद्ध मन सात्विक भावों पर संस्थापित हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
53. ‘ॐ श्री साईं गुणातीतगुणात्मने नम:’।
-ॐ जो गुणों से परे हैं और समस्त सद्गुणों से परिपूर्ण हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।
54. ‘ॐ श्री साईं अनंत कल्याणगुणाय नम:’।-ॐ जो अनंत कल्याणकारी हैं, उन श्री साईंनाथ को नमस्कार।

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